
मनाली आश्रम
हिमालय में अखाड़े का घर
मनाली आश्रम अखाड़े का अनुष्ठान केंद्र है। कुल्लू घाटी के पहाड़ों के बीच स्थित इस आश्रम में पुजारी हर पूजा, हवन और पर्व का अनुष्ठान करते हैं।
मनाली, ज़िला कुल्लू, हिमाचल प्रदेश
स्थान
शांति और उपासना का स्थान
देवदार के वनों और हिमशिखरों से घिरा, नीचे घाटी में बहती ब्यास नदी के साथ, यह आश्रम साधना और उपासना के लिए आवश्यक शांति देता है। यहाँ पवित्र अग्नि प्रज्वलित रहती है और देवी की प्रतिदिन उपासना होती है।
जब आप इस पोर्टल पर पूजा बुक करते हैं, तो वह यहीं अखाड़े के पुजारियों द्वारा की जाती है। जो भक्त यात्रा नहीं कर सकते वे लाइव भाग ले सकते हैं, और जो आते हैं उनका परिवार के सदस्य की तरह स्वागत होता है।

आश्रम का जीवन
आश्रम में क्या होता है
दैनिक उपासना
माँ प्रत्यंगिरा देवी की प्रातः और सायं आरती और प्रार्थना।
भक्तों के लिए पूजा
निर्धारित और व्यक्तिगत पूजाएँ, हर भक्त के नाम के संकल्प के साथ।
पर्व
नवरात्रि, अमावस्या हवन और शक्ति पंचांग के अन्य पर्व।
सेवा
भक्त और स्वयंसेवक आश्रम की देखरेख, अनुष्ठानों और प्रसाद में सहयोग करते हैं।
यात्रा की योजना
आश्रम आना
भक्तों का स्वागत है। कृपया यात्रा से पहले अखाड़े से संपर्क करें ताकि आश्रम आपकी प्रतीक्षा कर सके।
- कैसे पहुँचें
- निकटतम हवाई अड्डा भुंतर (कुल्लू) है, लगभग 50 किमी दूर। मनाली सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा है, दिल्ली और चंडीगढ़ से रात्रि बसें चलती हैं।
- कब आएँ
- वसंत से शरद तक यात्रा सबसे आसान है। सर्दियों में बर्फ़ और सड़कें बंद होती हैं, इसलिए निकलने से पहले स्थिति जाँच लें।
- आश्रम में
- कृपया शालीन वस्त्र पहनें, मंदिर के पास मौन रखें और अनुष्ठानों के समय पुजारियों के निर्देशों का पालन करें। पूजा के दौरान फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति नहीं है।
- यात्रा नहीं कर सकते?
- इस पोर्टल से घर बैठे लाइव पूजा में जुड़ें, या पूजा बुक करें और पुजारी संकल्प में आपका नाम लेंगे।
जहाँ भी हों, आश्रम में उपस्थित रहें
मनाली आश्रम से अगली लाइव पूजा में भाग लें।
